AstroGuru Murari
Holi 2026: क्या आप जानते हैं कि होलिका दहन की अग्नि आपके जीवन की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने की शक्ति रखती है? 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के पर्व पर चंद्र ग्रहण का विशेष संयोग बन रहा है। इस सिद्ध रात्रि पर यदि सही मुहूर्त में कुछ पारंपरिक उपाय किए जाएं, तो नजर दोष और ग्रहों के अशुभ प्रभाव जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। इस ब्लॉग में हमने आपको बताये हैं वे 10 सरल और प्रभावी उपाय जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
शास्त्रों के अनुसार सही मुहूर्त पर किया गया पूजन सीधे ईश्वर तक पहुँचता है। आपकी पूजा फलदायी हो और आपके घर में सुख-समृद्धि आए, इसलिए इस वर्ष के पंचांग और शुभ समय का ध्यान अवश्य रखें:
3 मार्च 2026 को होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है जिसका सूतक सुबह 09:39 से शुरू होकर शाम 06:46 बजे समाप्त होगा। इस दौरान पूजा करने से बचना चाहिए, इसलिए शाम 06:46 बजे ग्रहण खत्म होने और शुद्धिकरण करने के बाद ही होलिका पूजन संपन्न करना श्रेष्ठ रहेगा। ग्रहण का प्रभाव हर राशि पर अलग होता है। यदि आप जानना चाहते हैं कि यह ग्रहण आपके जीवन को कैसे प्रभावित करेगा, तो आप विशेषज्ञ ज्योतिषियों से परामर्श ले सकते हैं।
होली की पावन रात आपकी हर अधूरी मनोकामना को पूरा करने की शक्ति रखती है। आइए जानते हैं ऐस्ट्रो अरुण पंडित द्वारा बताए गए वो खास होलिका दहन के उपाय, जो आपके जीवन से मुश्किलों को मिटाकर तरक्की के द्वार खोल सकते हैं:
यह उपाय आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार और समस्याओं के सरल समाधान के लिए हैं। सही मुहूर्त में किए जाने पर ये अधिक फलदायी माने जाते हैं।
उत्तर: हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में होलिका दहन 3 मार्च को होगा और रंगों वाली होली (धुलंडी) 4 मार्च को मनाई जाएगी।
उत्तर: इस साल होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 06:46 बजे से शुरू होकर रात 08:50 बजे तक रहेगा। इससे पहले ग्रहण का सूतक काल प्रभावी रहेगा, इसलिए 06:46 बजे के बाद ही पूजा करना श्रेष्ठ है।
उत्तर: रंग फेंकना वसंत ऋतु के स्वागत और आपसी मतभेदों को मिटाने का प्रतीक है। यह परंपरा मुख्य रूप से भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के दिव्य प्रेम से जुड़ी है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह भक्त प्रह्लाद की रक्षा और राक्षसी होलिका के अंत (बुराई पर अच्छाई की जीत) की खुशी में भी मनाया जाता है।
उत्तर: होलिका दहन के बाद उसकी ठंडी हो चुकी राख को साफ स्थान पर रखें। इसे तिलक के रूप में माथे पर लगाया जा सकता है या थोड़ी-सी राख घर के मुख्य द्वार पर छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा दूर मानी जाती है।
उत्तर: हाँ, होलिका दहन के उपाय स्त्री, पुरुष, वृद्ध या युवा, कोई भी श्रद्धा और विश्वास के साथ कर सकता है। बस उपाय करते समय मन शुद्ध और भाव सकारात्मक होना चाहिए।
उत्तर: दहन के समय नकारात्मक विचारों, क्रोध और विवाद से दूर रहें। ग्रहण या सूतक काल समाप्त होने के बाद ही पूजन और उपाय करना श्रेष्ठ माना जाता है।
उत्तर: जी हाँ, व्रत करना अनिवार्य नहीं है। यदि व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और नियम के साथ उपाय करता है, तो बिना व्रत के भी सकारात्मक फल प्राप्त हो सकते हैं।